——--MCQ. for up board ——–
1.यदि E तथा H क्रमशः वैद्युत क्षेत्र तथा चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता को प्रदर्शित करते हैं, तो E/H का मात्रक क्या होता हैं बताओ।
(a) ऐम्पियर
(b) ओम
(c) वोल्ट
(d) जूल
उत्तर: (b) ओम
-
- हेनरी/मीटर का क्या मात्रक है बताओ
(a) वैद्युतशीलता का
(b) परावैद्युतांक का
(C) चुम्बकशीलता का
(d) स्वप्रेरकत्व का
उत्तर: (C) चुम्बकशीलता का
-
- एक इलेक्ट्रॉन 500 वोल्ट के इलेक्ट्रॉन की चाल होगी-विभवान्तर से त्वरित किया जाता है। ( 2017)
(a) 8 * 10 ^ 8 मीटर/सेकण्ड
(b) 2.3 * 10 ^ 7 मीटर/सेकण्ड
(c) 1.33 * 10 ^ 7 मीटर/सेकण्ड
(d) 1.33 * 10 ^ 5 मीटर/सेकण्ड।
उत्तर: (b) 2.3 * 10 ^ 7 मीटर/सेकण्ड
4.निम्नलिखित में कौन-सा वैद्युत क्षेत्र का मात्रक नहीं है?
a) न्यूटन कूलॉम. (b)जूल/कूलॉम-मीटर
(c)जूल/कूलॉम. (d) वोल्ट/मीटर
उत्तर) जूल/कूलॉम ।
5) विद्युत क्षेत्र रेखाओं के बारे में कौन सा कथन सत्य नहीं है?
(a) ये रेखाएँ धन आवेश से निकलकर ऋण आवेश पर समाप्त होती हैं।
(b) दो क्षेत्र रेखाएँ एक दूसरे को कभी नहीं काटतीं।
(c) विद्युत क्षेत्र रेखाएँ बंद वक्र बना सकती हैं।
(d) विद्युत क्षेत्र की तीव्रता रेखाओं के घनत्व के समानुपाती होती है।
उत्तर) विद्युत क्षेत्र रेखाएँ बंद वक्र बना सकती हैं।
6.किसी बिन्दु पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता निम्न में से किसमें
r ^ 0 के अनुक्रमानुपाती होगी-
(a) बिन्दु आवेश
(b) वैद्युत द्विध्रुव
(c) आवेश की अनन्त समतल चादर
(d) रेखीय आवेशित तार
उत्तर- रेखीय आवेशित तार
7.परमाणु के अन्दर -कण किस बल के कारण प्रकीर्णित होते हैं一
(a) गुरुत्वीय बल
(b) नाभिकीय बल
(C) कूलॉमीय बल
(d) चुम्बकीय बल।
उत्तर -कूलॉमीय बल
. 8..चाँदी का परावैद्युतांक होता है-
(a) k = 0. (b) k = 1.
(c) k = – 1. (d) k = ∞
उत्तर) k = ∞ ।
9-निम्नलिखित में कौन-सा वैद्युत क्षेत्र का मात्रक नहीं है?
a) न्यूटन कूलॉम. (b)जूल/कूलॉम-मीटर
(c)जूल/कूलॉम. (d) वोल्ट/मीटर
उत्तर) जूल/कूलॉम ।
10 .एक p-टाइप अर्द्धचालक होता है-
(a) धनावेशित
(b) ऋणावेशित
(c) उदासीन
(d) धनावेशित या ऋणावेशित कोई भी।
(उत्तर) .धनावेशित या ऋणावेशित कोई भी।
—-परीक्षा में आने वाले प्रश्न उत्तर सहित।—-
प्रश्न 1. चुम्बकीय फ्लक्स की परिभाषा दीजिए।
उत्तर : चुम्बकीय फ्लक्स- “यदि किसी एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में, क्षेत्र के लम्बवत् कोई तल लें, तो चुम्बकीय क्षेत्र (B) तथा तल के क्षेत्रफल (A) के गुणनफल को चुम्बकीय फ्लक्स कहते हैं।” इसे ” से प्रदर्शित करते हैं।
Ø = BA वेवर
प्रश्न 2. वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण क्या होता है? इस पर आधारित दो युक्तियों के नाम लिखिए।
अथवा
वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण से क्या तात्पर्य है? [ 2026 Expected]
उत्तर : वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण- जब किसी कुण्डली तथा चुम्बक के बीच सापेक्ष गति होती है तो कुण्डली में वैद्युत वाहक बल उत्पन्न हो जाता है इस घटना को वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण तथा उत्पन्न वैद्युत वाहक बल को प्रेरित वैद्युत वाहक बल कहते हैं। वैद्युत जनित्र तथा ट्रांसफार्मर वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण पर आधारित युक्तियाँ हैं।
प्रश्न 3. कूलॉम का वैद्युत बल सम्बन्धी नियम लिखिए।
अथवा कूलॉम का विद्युत बल का नियम क्या है?[2 marks important]
उत्तर : कूलॉम का नियम- इस नियमानुसार, “दो स्थिर बिन्दु आवेशों के बीच लगने वाला आकर्षण अथवो प्रतिकर्षण बल (F),दोनों आवेशों की मात्राओं ( q1 व q 2 ) के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा दोनों आवेशों के बीच की वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।” यह बल दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश होता है।
प्रश्न 4. स्थिर वैद्युतिकी में गॉस के नियम का उल्लेख कीजिए ।
अथवा गॉस की प्रमेय क्या है?
उत्तर : गाँस का नियम- इस नियम के अनुसार, “किसी बन्द पृष्ठ से गुजरने वाला कुल वैद्युत फ्लक्स ∅E उस पृष्ठ के भीतर स्थित कुल आवेश q का 1 /ε₀. गुना होता है।” अर्थात्
∅E = q/ε₀. जहाँ ε₀. निर्वात अथवा वायु की वैद्युतशीलता है।
प्रश्न 5. वैद्युन द्विध्रुव तथा वैद्युत द्विध्रुव आपूर्ण को परिभाषित कीजिए। 2 × 10^-8 कुलाम-मीटर द्विधूच आपूर्ण का एक वैद्युत विद्युच 2 x 10^5 मीटर के एकसमान वैद्युत क्षेत्र से 30° पर झुका है। विद्युव की स्थितिज ऊर्जा एवं इस पर कार्यरत बाल-युग्म का आघूर्ण ज्ञात कीजिए।
[ 5 marks important question]
उत्तर : वैद्युत द्विध्रुव- समान परिमाण एवं विपरीत प्रकृति के दी बिन्दु आवेशी के आत्मत्त निकट रखे होने पर बना निकाय ‘वैद्युत द्विध्रुव ‘ कहलाता है ।
वैद्युत द्विध्रुव आघूर्ण-कसी वैद्युत द्विध्रुव का आघूर्ण उसके किसी एक आवेश के परिमाण तथा आवेशे के बीच की दूरी के गुणनफल के बराबर होता है।
दिया है. p = 2 ×10 ^ – 8 कूलॉम- मीटर
E = 2 × 10^5 वोल्ट- मीटर
θ= 30° , U =? τ = ?
सूत्र। U=-pEcosθ से वैद्युत द्विध्रुव की स्थिति ऊर्जा
U = – 2 ×10 ^ – 8 x 2× 10 ^ 5× cos 30°
U = – 2 × 2 ×√3/2 × 10 ^ – 3
= -2√3×10^-3 जूल ।
सूत्र τ = pEsinθ से निकाय पर कार्यरत बल युग्म आघूर्ण
τ = 2 ×10 ^ – 8 x 2× 10 ^ 5 × sin 30°
= 2 × 2 × 1/2 × 10^-3
τ. = 2 × 10^-3 न्यूटन- मीटर
प्रश्न 6. विद्युत फ्लक्स को परिभाषित कीजिए। स्थिर वैदुतिकी मैं गैस की प्रमेय का उल्लेख कीजिए तथा इसे सिद्ध कीजिए ।
( 2026 important question)
उत्तर : विद्युत फ्लक्स – किसी विद्युत क्षेत्र में स्थित किसी काल्पनिक पृष्ठ से पृष्ठ के अभिलंवत होकर गुजरने वाली कुल विद्युत बल रेखाओं की संख्या को ही विद्युत फ्लक्स कहते हैं । इसे ∅E से प्रदर्शित करते हैं ।
∅E = E .A
गैस की प्रमेय – इस पर में के अनुसार,” किसी बंद पृष्ठ A से गुजरने वाला विद्युत फ्लक्स ∅E , उस पृष्ठ द्वारा घिरे हुए कुल आवेश q का 1/ε₀. गुना होता है ।”
अतः विद्युत फ्लक्स ∅E = q. 1/ε₀. = q/ ε₀.
परंतु बंद पृष्ठ A से बद्ध कुल वैद्युत फ्लक्स
∅E = ∫ E→ .dA→ = q/ε₀.
जहां ε₀. निर्वात अथवा वायु की वैद्युतशीलता है।
उत्पत्ति – माना कोई विद्युत आवेश+q , किसी बन्द पृष्ठ A के भीतर किसी बिंदु O पर स्थित है । माना पृष्ठ A पर कोई बिंदु P है जिसकी बिंदु से दूरी r है। माना पृष्ठ A पर बिन्दु P के चारों ओर एक अल्पांश क्षेत्रफल dA है। जिसके
संगत क्षेत्रफल वेक्टर dA है ।
जिसकी दिशा बिंदु P पर अल्पांश क्षेत्रफल dA के बाहर की ओर खींचे गाय अभिलंब के अनुदिश है।
माना बिंदु O पर रख बिंदु आवेश +q के कारण बिंदु P पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता
E = q/ 4πε₀.r² (O→F) ——–(1)
यदि विद्युत वेक्टर E तथा क्षेत्रफल वेक्टर dA के बीच कोण θ है तो अल्फाश क्षेत्रफल dA से गुजरने वाला बाहर की ओर दीष्ट विद्युत फ्लक्स
d∅E =EdAcosθ
समीकरण 1 से E का मान रखने पर
d∅E = q/ 4πε₀.r²dAcosθ
= qdAcosθ/ 4πε₀.r²—–(2)
परंतु dAcosθ /r² = dω
जहां dω अल्फाश क्षेत्रफल dA द्वारा बिंदु O पर आंतरिक धन कोण है।
तब समीकरण( 2) से,
d∅E = q/ 4πε₀.dω
अतः बिंदु आवेश q के कारण संपूर्ण पृष्ठ A से बाहर की ओर निकलने वाला विद्युत फ्लक्स
∅E= ∫ d∅E = ∫q /4πε₀.dω
= q /4πε₀. ∫dω
परंतु . ∫dωसंपूर्ण बंद पृष्ठ क्षेत्रफल A द्वारा बिंदु O पर आंतरिक कुल धन कोण है , अर्थात. ∫dω =4π
अतः ∅E=q/ ε₀. यही गॉस प्रमेय है।
प्रश्नानुसार —-
दिया हैं – E = 14 i^ + 13j^ – 5k^ न्यूटन /कूलॉम
A =4j^=0i^+4j^+0k^ मीटर²
∅E= E.A
= (14 i^ + 13j^ – 5k^). ( 0i^+4j^+0k^)
= 12 न्यूटन मीटर²/कूलॉम ।
प्रश्न 7 – . अर्द्धचालक क्या होता है? दो अर्द्धचालकों के नाम लिखिए।
उत्तर : अर्द्धचालक- “वे पदार्थ जिनकी चालकता चालक एवं अचालक के बीच होती है, अर्द्धचालक कहलाते हैं।” जैसे- सिलिकॉन तथा जर्मेनियम।
प्रश्न 8 -. p-टाइप अर्द्धचालक से क्या तात्पर्य है? इसमें आवेश वाहक क्या होते हैं?
[2022]
उत्तर : p-टाइप अर्द्धचालक- “वह अर्द्धचालक जो शुद्ध अर्द्धचालक में 3 संयोजकता वाला अपद्रव्य अपमिश्रित करके बनाया जाता है, टाइप अर्द्धचालक कहलाता है।” इसमें बहुसंख्यक आवेश वाहक कोटर (धनात्मक) तथा अल्पसंख्यक आवेश वाहक इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) होते हैं।
प्रश्न 9 -. n-टाइप अर्द्धचालक से क्या तात्पर्य है? इसमें आवेश वाहक क्या होते हैं?
उत्तर: n-टाइप अर्द्धचालक “वह अर्द्धचालक जो शुद्ध अर्द्धचालक में 5 संयोजकता वाला अपद्रव्य अपमिश्रित करके बनाया जाता है, n-टाइप अर्द्धचालक कहलाता है।” इसमें बहुसंख्यक आवेश वाहक इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) तथा अल्पसंख्यक आवेश वाहक कोटर (धनात्मक) होते हैं।
———इन्हें भी पढ़ें ——-
1.Class 12 physics important question derivation






