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🔥 Class 12 Biology Chapter 1 Most Important Questions in Hindi | बोर्ड 2026 के लिए जरूरी प्रश्न!

Class 12 Biology Chapter 1 Most Important Questions in Hindi यहाँ पढ़ें — बोर्ड एग्जाम 2026 के लिए सबसे जरूरी और बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न।

प्रश्न 1 : बहुभ्रूणता क्या है ? उसके बारे में थोड़ा अच्छा से बताओ 

उत्तर – एक बीच में एक से अधिक भ्रूण होने को बहुभ्रूणता कहते हैं । युग्मनज (zygote) शिव भ्रूण बनने के अतिरिक्त कभी-कभी सहायक कोशिकाओं या प्रतिध्रुव कोशिकाओं से नर युग्मक के संलयन से अतिरिक्त भ्रूण बन जाता है।

भ्रूण ,भ्रूणकोष के बाहर स्थित कोशिकाओं से भी विकसित हो सकते हैं कभी-कभी बीजाड में एक से अधिक भ्रूण कोष होने से बहुभ्रूणता विकसित हो जाती है। इसी को बहुभ्रूणता कहते है 

प्रश्न 2 : निमिलित को थोड़ा परिभाषित कीजिए और उदाहरण सहित बताओ 

उत्तर – निमिलित ( celistogamous) पुष्प कभी ना खुलना वाले द्विलिंगी पुष्प होते हैं। इनके पराग कोष व वर्तिका आगरा एक दूसरे के निकट स्थित होते हैं यह सदैव बंद रहते हैं इनमें सदैव स्वपरागण होता है इससे निमिलित( celistogamy) कहते हैं। 

उदाहरण – कोमोलिना।

प्रश्न 3 : भ्रूणपोष केंद्रक का निर्माण कैसे होता है, इसमें उपस्थित गुणसूत्र की संख्या कितनी होती है बताओ 

उत्तर – भ्रूणपोष ( embryo saw) की दो ध्रुवीय कोशिकाओं के मिलने से द्वितीय केंद्र बनता है। 

द्वितीय केंद्र पर युग्मक से संलयन द्वारा भ्रूणपोष फल स्वरुप बने प्राथमिक भ्रूण को केंद्रक में गुणसूत्र की संख्या त्रिगुणत होती है। 

प्रश्न 4 : अपयुग्मन किसे कहते हैं ?

उत्तर – भ्रूणकोष के अंड के अतिरिक्त किसी अन्य कोशिका जैसे सहायक कौशिक , प्रति मुख्य कोशिका से भ्रूण के विकास को अपयुग्मन ( apogamy) कहते हैं।

यह पादप अगुनीत होते हैं । आध्यावरण की कोशिका से भ्रूण का विकास होने पर द्विगुनीत पादप बनते हैं । 

प्रश्न 5 : बीजांड का नामांकित चित्र बनाइए ।       (2022)

 उत्तर –बीजांड का नामांकित चित्र

→ Short answer type questions 

प्रश्न 6 : एक पुष्प में निषेचन के पश्चात होने वाले परिवर्तनों के बारे मे बताओ 

उत्तर – पुष्प में निषेचन – पश्चात परिवर्तन ( post fertilization change in a flower ) पुष्पीय पौधों में दोहरा निषेचन(double fertilization) होता है । 

इसके फल स्वरुप भ्रूण कोष में द्विगुणीत युग्मनज तथा त्रिगुणित , प्राथमिक भ्रूण पोस्ट केंद्रक(primary endospermic nucleus) बनता है। इसमें से क्रमशः भ्रूण तथा भ्रूणपोष बनता है। भ्रूण कोष तथा भ्रूण पाश्च निषेचन संरचना है। भ्रूणपोष विकासशील भ्रूण का पोषक प्रदान करता है । इसके साथ-साथ बिजंद में निम्नलिखित परिवर्तन होते हैं जिसके फल स्वरुप जिसके फल स्वरुप बीजांड़ से बीज तथा अंडाशय से फल का निर्माण होता है ।

1 बिजंआडवृत (Funicle) – यह बीच बिजवृंत बनता है।

2 अध्यायवरण (integument) – यह बिजावरण ( seed coast ) बनता है।

3 बिजनद्वार (micropile) – यह बीजा द्वारा बनता है।

4 बिजंदकाय (nucleus) – योर प्रीस्ट हो जाता है। कुछ पौधों में शेष रहकर पेरीस्पर्म बनता है। 

5 भ्रूण कोष – बिजंडकाय में स्थित भ्रूणकोष में निम्नलिखित परिवर्तन होते हैं। 

           1-अंडकोशिका- यह निषेचन के पश्चात भ्रूण बनती है।

            2- सहायक कोशिकाएं – यह नष्ट हो जाते हैं। 

             3- प्रतीमुख कोशिकाएं -यह भी नष्ट हो जाती हैं। 

4- अंडाशय भित्ति – फल भित्ति का निर्माण करती है पुष्प के अन्य सभी भाग जैसे, बाहाय दल ,दल ,पुंकेश्वर, आदि सूखकर गिर जाती है।

प्रश्न 7 – कृत्रिम परागण (artificial pollination) क्या है उसके बारे में बताओ 

उत्तर – कृत्रिम परागण (artificial pollination) वह प्रक्रिया है जिसमें मनुष्य अपनी इच्छा से परागकणों को एक पुष्प के परागकोष से दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरित करता है।

*यह प्रक्रिया फसल की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने के लिए की जाती है।

*इसमें वांछित गुणों वाले पौधों के परागकणों को इकट्ठा करके दूसरे पौधों के वर्तिकाग्र पर छिड़का जाता है।

*यह विधि विशेष रूप से संकर बीज (हाइब्रिड सीड्स) बनाने के लिए उपयोग की जाती है।

*इस प्रक्रिया का उपयोग बागवानी और कृषि में किया जाता है।

प्रश्न 8-परागकण का यतिका पर अंकुरण का नामांकित सित्र की सहायता से वर्णन कीजिए तथा नर और मादाग्यकों के संयोजन के बारे मे थोड़ा विस्तार से बताओ 

उत्तर – परागकणों का वर्तिका पर अंकुरण – गोचित स्वर अन्तःक्रिया (pollen-patil interaction) के पश्चात् ही उचित परागकण का वर्तिकाम पर अंकुरण होता है। पराक्रम में वर्तिकाग्र पर पहुंचने से कुछ घंटे से लेकर कुछ दिन पश्चात् इनका अंकुरणाता है। परागकण वर्तिका से बावित जात, शर्करा व कार्यककोण करके फूल जाते है और अन्तः बोल (intine) जनन छिद्र से पराग नलिका के रूप में विकत आती है। पराग नलिका वर्तिकाय को बंधकर वर्तिका से होती हुई अपहाशय को ओ वृद्धि करने लगती है। पराग नलिका जमन केन्द्र विभाजित होकर, हो नर पुग्मक बनाता है।

प्रश्न9- एक परागकण की सूक्ष्मदर्शीय संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए।

उतर- परागकण की सूक्ष्मदर्शीय संरचना का सचित्र वर्णन नीचे दिया गया है।

परागकण एक नर युग्मकोद्भिद (male gametophyte) की प्रथम कोशिका है। परिपक्व परागकण (pollen grain) में दो परतें होती हैं:

बाह्य चोल (Exine): यह कठोर और बाहरी परत है जो स्पोरोपोलेनिन (sporopollenin) नामक पदार्थ की बनी होती है।

अंतः चोल (Intine): यह एक पतली और कोमल आंतरिक परत है जो सेलुलोज और पेक्टिन की बनी होती है।

परागकण के अंदर दो कोशिकाएँ होती हैं:

कायिक कोशिका (Vegetative cell): यह बड़ी होती है और इसमें अनियमित आकार का केंद्रक होता है।

जनन कोशिका (Generative cell): यह छोटी होती है और कायिक कोशिका के कोशिकाद्रव्य में तैरती रहती है। यह दो नर युग्मक (male gametes) बनाती है।

 महत्त्वपूर्ण बिंदु:- U.P बोर्ड परीक्षा में सफल होने के लिए अपने syllabus को अच्छी तरह से समझें और नियमित रूप से अभ्यास करते रहे साथ ही हर विषय पर ध्यान दे 

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